शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
पूर्वे असितांग भैरवाय नमः पूर्वे मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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टिप्पणी
पूर्व दिशा रक्षा
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कृत्तिवाससे नमः
ॐ मङ्गलदायिने नमः
ॐ मायामानुषचारित्राय नमः
पाँचों त्रिशेम चलें, लांगुरिया सलार चलें। भीम की गदा चले, हनुमान की हाँक चले। नाहर की धाक चलै, नहीं चलै, तो हजरत सुलेमान के तखत की दुहाई है। एक लाख अस्सी हजार पीर व पैगम्बरों की दुहाई है। चलो मन्त्र, ईश्वर वाचा। गुरु का शब्द साँचा।
ॐ शकटासुरभञ्जनाय नमः
ॐ सत्यव्रताय नमः