शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ सनातनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारविशिष्ट सहस्रनाम-मंत्र (Specific Sahasranama Mantras)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो अत्यंत प्राचीन, शाश्वत और युगों-युगों से विद्यमान हैं।
जप काल
रुद्राक्ष माला से मंगलवार का उपवास रखते हुए अभीष्ट सिद्धि हेतु।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं जय लक्ष्मी प्रियाय नित्य प्रमुदित चेतसे लक्ष्मी स्रितार्थ देहाय श्रीं ह्रीं नमः
ॐ क्लीं राधाकृष्णाय नमः
ॐ कादम्बिन्यै नमः
सुगं च मे शयनं च मे सूषा च मे सुदिनं च मे...
ॐ वरप्रदायै नमः
आलिङ्ग्य देवीं हरितां निषण्णां परस्परश्लिष्ट कटौ निविश्य । सन्ध्यारुणं पाशसृणीं वहन्तं भयापहं शक्ति गणपतिमीडे ॥