शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ सर्वस्मै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारविशिष्ट सहस्रनाम-मंत्र (Specific Sahasranama Mantras)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो इस अनंत ब्रह्मांड में सर्वत्र व्याप्त (Omnipresent) हैं।
जप काल
रुद्राक्ष माला से मंगलवार का उपवास रखते हुए अभीष्ट सिद्धि हेतु।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ स्वाँ हृदयाय नमः, ॐ ह्रीँ शिरसे स्वाहा, ॐ क्लीँ शिखायै वषट्, ॐ ऐँ कवचाय हुं
ॐ करञ्जफलभूषाढ्यायै नमः
ॐ ह्रीं बटुकाय मम गृह क्लेश निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
ॐ नमो सिद्धिविनायकाय सर्वकार्यकर्त्रे सर्वविघ्नप्रशमनाय सर्वराज्यवश्यकरणाय सर्वजनसर्वस्त्रीपुरुषाकर्षणाय श्रीं ॐ स्वाहा ॥
ॐ कान्ताय नमः
अश्वपूर्वां रथमध्यां हस्तिनादप्रबोधिनीम्। श्रियं देवीमुपह्वये श्रीर्मा देवीर्जुषताम्॥