शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ शब्दमूलान्तरात्मकाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपअंतर्यामी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सभी शब्दों (ध्वनियों) के मूल में विद्यमान अंतरात्मा को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मौन की गहराई और आत्म-साक्षात्कार
विस्तृत लाभ
मौन की गहराई और आत्म-साक्षात्कार।
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श्री राम जय राम जय जय राम (Sri Ram Jaya Ram Jaya Jaya Ram)
ॐ सर्वस्मै नमः
यस्याः प्रभावमतुलं भगवाननन्तो ब्रह्मा हरश्च न हि वक्तुमलं बलं च। सा चण्डिकाखिलजगत्परिपालनाय नाशाय चाशुभभयस्य मतिं करोतु॥ 18
ॐ क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय पराय परमपुरुषाय परमात्मने परकर्म-मन्त्र-यन्त्र-तन्त्र-औषधास्त्र-शस्त्राणि संहर संहर मृत्योर्मोचय मोचय...
आर्द्रां यः करिणीं यष्टिं सुवर्णां हेममालिनीम्। सूर्यां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह॥
भद्रकाल्यै नमो नित्यं सरस्वत्यै नमो नमः। वेदवेदाङ्गवेदान्तविद्यास्थानेभ्य एव च॥