शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ शूराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपपरम शूरवीर
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो युद्ध में पीठ न दिखाने वाले अद्वितीय वीर हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
पराक्रम
विस्तृत लाभ
पराक्रम
जप काल
नित्य
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अवतु माम् ॥ अवतु वक्तारम् ॥ अवतु श्रोतारम् ॥ अवतु दातारम् ॥ अवतु धातारम् ॥ अवानूचानमव शिष्यम् ॥ अव पश्चात्तात् ॥ अव पुरस्तात् ॥ अवोत्तरात्तात् ॥ अव दक्षिणात्तात् ॥ अव चोर्ध्वात्तात् ॥ अवाधरात्तात् ॥ सर्वतो मां पाहि पाहि समन्तात् ॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये महादेवतः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
दुर्गेष्वटव्याजिमुखादिषु प्रभुः पायान्नृसिंहोऽसुरयूथपारिः
ॐ मखरूपायै नमः
ॐ कलनादनिनादस्थायै नमः
ॐ शिखण्डिकृतकेतनाय नमः