शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ श्रीधराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपश्रीधर
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वक्ष पर माता श्री (लक्ष्मी) को धारण करने वाले को नमन।
जप काल
प्रियजनों/पत्नी से मिलते समय
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
धृत पाशाङ्कुश कल्पलता स्वरदश्च बीजपूरयुतः । शशिशकल कलितमौली त्रिलोचनोऽरुणश्च गजवदनः ॥ भासुरभूषण दीप्तो बृहदुदर पद्म विष्टरोल्लसितः । विघ्नपयोधरपवनः करधृत कमलः सदास्तु भूत्यै ॥
श्वेते वृषे समारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः। महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा॥
श्री राम शरणं मम्
ॐ महाविष्णवे नमः
ॐ कञ्जलोचनाय नमः
ॐ अनादये नमः