शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ वज्रहस्तसुतावल्लीवामदक्षिणसेविताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपूर्ण-परिवार
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके वाम-दक्षिण भाग में देवसेना और वल्ली विराजमान हैं, उन्हें नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
पारिवारिक अखंडता और संबंधों में प्रगाढ़ता
विस्तृत लाभ
पारिवारिक अखंडता और संबंधों में प्रगाढ़ता।
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ॐ त्रिपुरान्तकाय नमः
ॐ कलनादनिनादिन्यै नमः
ॐ कामदायै नमः
ॐ नमो भगवते नरसिंहाय नमस्तेजस्तेजसे आविराविर्भव वज्रनख वज्रदंष्ट्र कर्माशयान् रन्धय रन्धय तमो ग्रस ग्रस ॐ स्वाहा। अभयमभयमात्मनि भूयिष्ठा ॐ क्ष्रौम्॥
प्रनवउँ पवनकुमार खल बन पावक ग्यान घन। जासु हृदय आगार बसहिं राम सर चाप धर॥
ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर