ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

वक्रतुण्ड मंत्र

ॐ वक्रतुण्डाय नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारअवतार मंत्र
स्वरूपवक्रतुण्ड (वाहन: सिंह)
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

वक्रतुण्ड को नमस्कार है।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

ईर्ष्या, स्वार्थ और मत्सरासुर (Jealousy) से पूर्ण मुक्ति

विस्तृत लाभ

ईर्ष्या, स्वार्थ और मत्सरासुर (Jealousy) से पूर्ण मुक्ति।

जप काल

स्वयं के भीतर ईर्ष्या भाव उत्पन्न होने पर आत्म-निरीक्षण के समय।

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