ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

गणेश मंत्र

ॐ वेदत्रयप्रपूज्याय नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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स्वरूपवेद स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

जो ऋक्, यजु और साम—इन तीनों वेदों द्वारा पूजनीय हैं, उन्हें नमस्कार है।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

वेदाध्ययन, संस्कृत साहित्य और वैदिक कर्मकांड की शिक्षा में सफलता

विस्तृत लाभ

वेदाध्ययन, संस्कृत साहित्य और वैदिक कर्मकांड की शिक्षा में सफलता।

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