शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ वीरघ्नाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवीर-संहारक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
असुर वीरों का वध करने वाले महायोद्धा को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
प्रतिद्वंद्विताओं में अप्रत्याशित विजय
विस्तृत लाभ
प्रतिद्वंद्विताओं में अप्रत्याशित विजय।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कमलायै नमः
ॐ परस्मै ज्योतिषे नमः
ॐ इन्द्राय नमः
ॐ श्रीं ह्रीं ब्राह्म्यै स्वाहेति दन्तपङ्क्तीः सदाऽवतु। (स्वरूप: ब्राह्मी | लाभ: दाँतों और स्पष्ट वाचन-स्थान की रक्षा | अर्थ: ब्राह्मी देवी मेरी दंत-पंक्तियों की सदा रक्षा करें) 8
ॐ नृसिंहो मे शिरः पातु लोकरक्षार्थसंभवः
ॐ श्रीमन्मन्दकटाक्षलब्धविभवब्रह्मेन्द्रगङ्गाधरां, त्वां त्रैलोक्यकुटुम्बिनीं सरसिजां वन्दे मुकुन्दप्रियाम्॥