शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
व्रीहयश्च मे यवाश्च मे माषाश्च मे तिलाश्च मे...
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
टिप्पणी
मुझे चावल, जौ, उड़द और तिल आदि धान्य प्राप्त हों
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अनन्तकोटिविष्णुलोकनम्रपद्मजार्चिते हिमाद्रिजापुलोमजाविरिञ्चिजावरप्रदे। अपारसिद्धिरिद्धिदिग्दिगन्तकीर्तिदिगधमे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ कृपालवे नमः
ॐ ह्रीं वाग्वादिन्यै स्वाहा नासां मे सर्वतोऽवतु। (स्वरूप: वाग्वादिनी | लाभ: प्राण-वायु और नासिका की रक्षा | अर्थ: वाग्वादिनी नासिका की सभी प्रकार से रक्षा करें) 8
ॐ सुरलोकसुपूज्याय नमः।
ॐ महाशक्तये नमः
ॐ लक्ष्म्यै नमः