शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
या श्रद्धा धारणा मेधा (आदि शंकराचार्य कृत)
या श्रद्धा धारणा मेधा वाग्देवी विधिवल्लभा। भक्तजिह्वाग्रसदना शमादिगुणदायिनी॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारशारदा स्तोत्र मन्त्र
स्वरूपविधिवल्लभा (ब्रह्मा की पत्नी)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो श्रद्धा, धारणा, मेधा और वाणी की देवी हैं, जो ब्रह्मा की प्रिया हैं, जो भक्तों की जिह्वा पर बसती हैं और शम (शांति) आदि गुण देती हैं (उन्हें प्रणाम)।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
चित्त की शांति (शम-दम आदि गुण) और जिह्वा पर उत्तम वचनों का वास
विस्तृत लाभ
चित्त की शांति (शम-दम आदि गुण) और जिह्वा पर उत्तम वचनों का वास।
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