शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ अच्युताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारवैखानस पंच-मूर्ति मंत्र
स्वरूपऐश्वर्य और अपरिवर्तनीय स्वरूप (स्नपन बेर)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
मैं उन भगवान को नमन करता हूँ जिनका कभी पतन नहीं होता (अच्युत)।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भौतिक और आध्यात्मिक संपदा की स्थिरता
विस्तृत लाभ
भौतिक और आध्यात्मिक संपदा की स्थिरता 38।
जप काल
भगवान के अभिषेक (स्नपन) के समय।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ऐमित्येकाक्षरो मन्त्रो मम कण्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: एकाक्षरी बीज | लाभ: कंठ, स्वर-तंत्र और विशुद्धि चक्र की रक्षा, संगीतकारों के लिए अति उत्तम | अर्थ: 'ऐं' रूपी एकाक्षर मन्त्र मेरे कंठ की सदा रक्षा करे) 8
ॐ पद्मनाभप्रियायै नमः
ॐ कुमार्यै नमः
ॐ पीतवाससे नमः
बुद्धिविच्छिन्नचैतन्यमेकं पूर्णमथापरम्। आभासत्वपरं बिम्बभूतमेवं त्रिधा चितिः॥
ॐ दृप्तवक्त्राय नमः