शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ अच्युताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपनारायण स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो अपने स्वरूप, पद और प्रतिज्ञा से कभी च्युत (पतित) नहीं होते, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
साधक के संकल्प की दृढ़ता और नैतिक पतन से बचाव
विस्तृत लाभ
साधक के संकल्प की दृढ़ता और नैतिक पतन से बचाव।
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ॐ कमलनाथाय नमः
मखेश्वरि क्रियेश्वरि स्वधेश्वरि सुरेश्वरि त्रिवेदभारतीश्वरि प्रमाणशासनेश्वरि। रमेश्वरि क्षमेश्वरि प्रमोदकाननेश्वरि व्रजेश्वरि व्रजाधिपे श्रीराधिके नमोऽस्तु ते॥
ॐ अनादिनिधनाय नमः
कविजिह्वाग्रवासिन्यै स्वाहा मां वारुणेऽवतु। (अर्थ: कवियों की जिह्वा में बसने वाली देवी पश्चिम में रक्षा करें) 8
ॐ सर्ववन्द्याय नमः
ॐ दशग्रीवकुलान्तकाय नमः