शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ अखिलेश्वर्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
संपूर्ण ब्रह्माण्ड (अखिल विश्व) की ईश्वरी।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सार्वभौमिक कल्याण
विस्तृत लाभ
सार्वभौमिक कल्याण।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ अनादिब्रह्मचारिणे नमः
पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा ओम हनुमत वेदर वेग वेग आओ अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ भेड़ी तोड़ो ताला तोड़ो बंधन धन तोड़ो मोडा अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ मेरी भक्ति गुरु की शक्ति। पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा।
विष्णवे जिष्णवे महाविष्णवे प्रविष्णवे महेश्वराय
विष्णुप्रिये! रत्नगर्भे! समस्तफलदे शिवे! त्वद्गर्भगतहेमादीन् सम्प्रदर्शय दर्शय॥
ॐ अनादये नमः
ॐ ज्ञानदीपाय नमः