शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ अनीश्वराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपसर्वेश्वर
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका कोई अन्य ईश्वर नहीं है (जो स्वयं सर्वोच्च हैं) उन्हें नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
स्वाधीनता और संप्रभुता की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
स्वाधीनता और संप्रभुता की प्राप्ति।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कस्तूरीभोजनप्रीतायै नमः
ॐ शूराय नमः
उदीच्यां भीषण भैरवाय नमः उदीच्यां मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ श्रीं गं सौम्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा ॥
ॐ मेधा देवी जुषमाणा न आगाद्विश्वाची भद्रा सुमनस्यमाना। त्वया जुष्टा नुदमाना दुरुक्तान बृहद्वदेम विदथे सुवीराः॥
ॐ आपदुद्धारिण्यै नमः