शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ अशेषगुणसम्पन्नायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो संपूर्ण और अशेष गुणों से युक्त हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास
विस्तृत लाभ
व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ मांसाशिने नमः।
ॐ अग्रगण्याय नमः
ॐ ह्रीं वाग्वादिन्यै स्वाहा नासां मे सर्वतोऽवतु। (स्वरूप: वाग्वादिनी | लाभ: प्राण-वायु और नासिका की रक्षा | अर्थ: वाग्वादिनी नासिका की सभी प्रकार से रक्षा करें) 8
अत्रोपविश्य लक्ष्मि! त्वं स्थिरा भव हिरण्मयि! सुस्थिरा भव सुप्रीत्या प्रसन्नवरदा भव॥
श्रियमाक्रष्टुकामानामिदं कवचमुत्तमम्। स जामदग्न्यकवचं नित्यमावर्तयेन्नरः॥
ऋतं सत्यं परं ब्रह्म पुरुषं कृष्णपिङ्गलम्