शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ भगवते नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारविशिष्ट सहस्रनाम-मंत्र (Specific Sahasranama Mantras)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो षड-ऐश्वर्य (ज्ञान, बल, यश, वीर्य, श्री, वैराग्य) से परिपूर्ण भगवान हैं।
जप काल
रुद्राक्ष माला से मंगलवार का उपवास रखते हुए अभीष्ट सिद्धि हेतु।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ शान्तायै नमः
ॐ नमो भगवते संहार भैरवाय भूत प्रेत पिशाच ब्रह्म राक्षसान् उच्चाटय उच्चाटय संहारय संहारय सर्व भय छेदनं कुरु कुरु स्वाहा।
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये अष्टवसवः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ शिवप्रियाय नमः
ॐ शिखण्डिकृतकेतनाय नमः
दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तोः स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि। दारिद्र्यदुःखभयहारिणि का त्वदन्या सर्वोपकारकरणाय सदार्द्रचित्ता॥ 18