शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ भक्तवत्सलाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपप्रह्लाद-वरद
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो अपने भक्तों को माता के समान वात्सल्य (प्रेम) करते हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
रूखे जीवन में प्रभु के निस्वार्थ और अगाध स्नेह की अनुभूति
विस्तृत लाभ
रूखे जीवन में प्रभु के निस्वार्थ और अगाध स्नेह की अनुभूति।
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ॐ कल्याण्यै नमः
ॐ वासुदेवाय नमः
ॐ ह्रः ॐ सौं ॐ वैं ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीजयजय चण्डिकायै नमः। ॐ स्वीं स्वीं विध्वंसय विध्वंसय ॐ प्लूं प्लूं प्लावय प्लावय... (अति विस्तृत तांत्रिक शृंखला)... ॐ चामुण्डायै विच्चे स्वाहा। मम सकल मनोरथं देहि देहि, सर्वोपद्रवं निवारय निवारय... भञ्जय भञ्जय ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वाहा॥
ॐ गोवर्धनवरप्रदाय नमः
देवराजसेव्यमानपावनाङ्घ्रिपङ्कजं व्यालयज्ञसूत्रमिन्दुशेखरं कृपाकरम्।
ॐ मृत्युञ्जयाय नमः