शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ भारद्वाजस्तुताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपऋषि-स्तुत
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
महर्षि भारद्वाज द्वारा वंदित देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
प्राचीन ऋषियों के सूक्ष्म ज्ञान की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
प्राचीन ऋषियों के सूक्ष्म ज्ञान की प्राप्ति।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं गज लक्ष्म्यै नमः।
ॐ वित्तायै नमः
जो अदम्य साहस वाले परम वीर हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: साहस और निर्भयता) 19।
करस्थ कदली चूत पनसेक्षुक मोदकम्। बालसूर्य प्रभाकारं वन्देऽहं बालगाणपतिम्॥
अशोकवृक्षवल्लरीवितानमण्डपस्थिते प्रवालबालपल्लवप्रभारुणाङ्घ्रिकोमले। वराभयस्फुरत्करे प्रभूतसम्पदालये कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ कदलीगर्भमध्यस्थायै नमः