माँ काली मंत्र
ॐ भोक्त्रे नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
स्वयं ही प्रकृति का उपभोग करने वाले
इस मंत्र से क्या होगा?
उचित सांसारिक सुखों का निर्दोष भोग
विस्तृत लाभ
उचित सांसारिक सुखों का निर्दोष भोग 81
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
शङ्खेषु चाप कुसुमेषु कुठार पाश चक्राङ्कुशौ कलममञ्जरिका गदाद्यौ । पाणिस्थितैः परिसमाहित भूषणः श्री विघ्नेश्वरो विजयते तपनीयगौरः ॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये एकादशरुद्राः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ क्रूराय नमः
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥ 17
वामदेवाय नमो ज्येष्ठाय नमः श्रेष्ठाय नमो रुद्राय नमः कालाय नमः कलविकरणाय नमो बलविकरणाय नमो बलाय नमो बलप्रमथनाय नमः सर्वभूतदमनाय नमो मनोन्मनाय नमः॥
ॐ हनुमान पहलवान पहलवान, बरस बारह का जबान, हाथ में लड्डू मुख में पान, खेल खेल गढ़ लंका के चौगान, अंजनी का पूत, राम का दूत, छिन में कीलौ नौ खंड का भूत, जाग जाग हड़मान हुँकाला, ताती लोहा लंकाला, शीश जटा डग डेरू उमर गाजे, वज्र की कोठड़ी ब्रज का ताला, आगे अर्जुन पीछे भीम, चोर नार चंपे ने सींण, अजरा झरे भरया भरे, ई घट पिंड की रक्षा राजा रामचंद्र जी लक्ष्मण कुँवर हड़मान करें।