शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ डम्भाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपदम्भ-नाशक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
दैत्यों का दम्भ (अहंकार) चूर्ण करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
विरोधियों के मिथ्या अहंकार का टूटना
विस्तृत लाभ
विरोधियों के मिथ्या अहंकार का टूटना।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
यं ब्रह्मा वरुणेन्द्ररुद्रमरुतः स्तुन्वन्ति दिव्यैः स्तवैः वेदैः साङ्गपदक्रमोपनिषदैः गायन्ति यं सामगाः । ध्यानावस्थिततद्गतेन मनसा पश्यन्ति यं योगिनो यस्यान्तं न विदुः सुरासुरगणा देवाय तस्मै नमः ॥
ॐ सीतान्वेषणपण्डिताय नमः
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे। ॐ ग्लौं हुं क्लीं जूं सः ज्वालय ज्वालय ज्वल ज्वल प्रज्वल प्रज्वल ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ज्वल हं सं लं क्षं फट् स्वाहा॥
ॐ स्वयम्भुवे नमः
ॐ श्मशानवासिने नमः।
सूक्ष्मातिसूक्ष्मं कलिलस्य मध्ये विश्वस्य स्रष्टारमनेकरूपम्