शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
गजेन्द्रवदनं साक्षाच्चलकर्ण सुचामरम् । हेमवर्णं चतुर्बाहुं पाशाङ्कुशधरं वरम् ॥ स्वदन्तं दक्षिणे हस्ते सव्ये त्वाम्रफलं तथा । पुष्करे मोदकं चैव धारयन्तमनुस्मरेत् ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ॐ, श्रीं, ह्रीं—इन तीन बीजाक्षरों के प्रभाव से जीवन में स्थिरता और मोद
विस्तृत लाभ
ॐ, श्रीं, ह्रीं—इन तीन बीजाक्षरों के प्रभाव से जीवन में स्थिरता और मोद।
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