शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ घनश्यामाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपघनश्याम
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका शारीरिक वर्ण वर्षा ऋतु के मेघों के समान सुंदर साँवला है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शांति
विस्तृत लाभ
शांति
जप काल
ध्यान
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कबन्धगृहमध्यस्थायै नमः
ॐ उन्मूलने कर्मठाय नमः।
ॐ वागधिष्ठातृदेव्यै सर्वाङ्गं मे सदाऽवतु। (स्वरूप: वागधिष्ठात्री | लाभ: संपूर्ण शरीर की आध्यात्मिक और भौतिक रक्षा | अर्थ: वाक् की अधिष्ठात्री देवी मेरे संपूर्ण अंगों की रक्षा करें) 8
ॐ त्रिवर्गस्वर्गसाधनाय नमः
ॐ मितभाषिणे नमः
ॐ ह्रः ॐ सौं ॐ वैं ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीजयजय चण्डिकायै नमः। ॐ स्वीं स्वीं विध्वंसय विध्वंसय ॐ प्लूं प्लूं प्लावय प्लावय... (अति विस्तृत तांत्रिक शृंखला)... ॐ चामुण्डायै विच्चे स्वाहा। मम सकल मनोरथं देहि देहि, सर्वोपद्रवं निवारय निवारय... भञ्जय भञ्जय ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वाहा॥