शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ हराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपहर (दुख-हर्ता)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सभी पापों और बंधनों को हर लेते हैं 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सभी बंधनों का हरण
विस्तृत लाभ
सभी बंधनों का हरण
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ पञ्चकूटायै नमः
ॐ वासुदेवाय नमः
ॐ कान्तायै नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये देवीपार्वती तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
जो दुष्टों के दमन हेतु भयंकर परशु (फरसा) धारण करते हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: शत्रुओं से रक्षा) 19।
पाँचों त्रिशेम चलें, लांगुरिया सलार चलें। भीम की गदा चले, हनुमान की हाँक चले। नाहर की धाक चलै, नहीं चलै, तो हजरत सुलेमान के तखत की दुहाई है। एक लाख अस्सी हजार पीर व पैगम्बरों की दुहाई है। चलो मन्त्र, ईश्वर वाचा। गुरु का शब्द साँचा।