शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ हरिमर्कटमर्कटाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपसर्वश्रेष्ठ वानर
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सभी प्रकार के वानरों और कपीश्वरों में भी सर्वश्रेष्ठ वानर को नमन।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ परमपुरुषाय नमः
कवचस्यास्य जापी तु ब्रह्मज्ञानं च विन्दति। इत्येतदुक्तं कवचं मया हैहयविद्विषः॥
ॐ विद्युन्मालायै नमः
त्वं वाङ्मयस्त्वं चिन्मयः ॥ त्वमानन्दमयस्त्वं ब्रह्ममयः ॥ त्वं सच्चिदानन्दाऽद्वितीयोऽसि ॥ त्वं प्रत्यक्षं ब्रह्मासि ॥ त्वं ज्ञानमयो विज्ञानमयोऽसि ॥
ॐ अच्युताय नमः
ॐ त्रिभङ्गिललिताकृतये नमः