शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नवार्ण सिद्धि लक्ष्मी मंत्र
ॐ ह्रीं हूं हां ग्रें क्षों क्रों नमः॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
यह अत्यंत उग्र तांत्रिक बीज मंत्र है, जो सिद्धि लक्ष्मी को जाग्रत करता है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
घोर तंत्र-बाधा का शमन और शत्रुओं पर विजय
विस्तृत लाभ
घोर तंत्र-बाधा का शमन और शत्रुओं पर विजय।
जप काल
रुद्राक्ष माला से रात्रिकालीन साधना।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ह्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा ओष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: होठों और उच्चारण स्थान की रक्षा | अर्थ: विद्या की अधिष्ठात्री देवी मेरे होंठों की सदा रक्षा करें) 8
ॐ महानन्दाय नमः
राकायां च सिताष्टम्यां दशम्यां च विशुद्धधीः। एकादश्यां त्रयोदश्यां यः पठेत्साधकः सुधीः॥
ॐ हरिमर्कटमर्कटाय नमः
ॐ कपालगिरिसंस्थानायै नमः
ॐ सनातनाय नमः