शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
ॐ जामदग्न्याय नमः — अर्थ
जो महान तपस्वी महर्षि जमदग्नि के पुत्र हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: पितृ-दोष शांति) 19।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ईशानाय नमः
ॐ अपारगुणसागरायै नमः
समागच्छ महालक्ष्मि! धन्यधान्यसमन्विते! प्रसीद पुरतः स्थित्वा प्रणतं मां विलोकय॥
ॐ जगन्नाथाय नमः
ॐ श्रीं ह्रीं पातु मे ग्रीवां स्कन्धं मे श्रीं सदाऽवतु। (स्वरूप: श्रीं ह्रीं स्वरूपा | लाभ: गर्दन और कंधों की रक्षा | अर्थ: देवी मेरी ग्रीवा और स्कंध की रक्षा करें) 8
ॐ सृष्टिमयास्वरूपाय नमः।