शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ कामदाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारयुगल-नाम मन्त्र; ये मन्त्र गोलोक धाम के अधिष्ठाता श्री राधा-कृष्ण के संयुक्त लीला-माधुर्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपइच्छा-पूरक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
भक्तों की सभी आध्यात्मिक कामनाओं को पूर्ण करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अभिलाषाओं को पूर्ण करने
विस्तृत लाभ
अभिलाषाओं को पूर्ण करने
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सत्यधर्मिणे नमः
आ नो दिवो बृहतः पर्वतादा सरस्वती यजता गन्तु यज्ञम्। हवं देवी जुजुषाणा घृताची शग्मां नो वाचमुशती शृणोतु॥
ॐ प्रसन्नात्मने नमः
ॐ ब्रह्मर्षये नमः
ॐ सिद्धयै नमः
ॐ कराल-वदनां घोरां मुक्त-केशीं चतुर्भुजाम्। कालिकां दक्षिणां दिव्यां मुण्ड-माला विभूषिताम्। सद्यः-छिन्न-शिरः-खड्ग-वामाधोर्ध्व-कराम्बुजाम्। अभयं वरदञ्चैव दक्षिणोर्ध्वाधः-पाणिकाम्॥