कात्यायनी विवाह-बाधा निवारण (गोपी) मंत्र
कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि। नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र से क्या होगा?
शीघ्र और सुयोग्य विवाह के लिए (विशेषकर कन्याओं द्वारा गोपियों के समान किया जाने वाला सात्विक जप)
विस्तृत लाभ
शीघ्र और सुयोग्य विवाह के लिए (विशेषकर कन्याओं द्वारा गोपियों के समान किया जाने वाला सात्विक जप) 39।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
जिन्होंने धर्म-विरोधी आतातायी क्षत्रियों पर विजय प्राप्त की, उन्हें नमस्कार। (लाभ: प्रतिस्पर्धियों पर विजय) 19।
भर्जनं भवबीजानामर्जनं सुखसम्पदाम्। तर्जनं यमदूतानां राम रामेति गर्जनम्॥
सिन्दूराभमिभाननं त्रिनयनं च पाशाङ्कुशौ बिभ्राणं मधुमत्कपालमनिशं साद्विन्दुमौलिं भजे । पुष्ट्या श्लिष्टतनुं ध्वजाग्रकरया पद्मोल्लसद्धस्तया तद्योन्याहितपाणिमात्तवसुमत पात्रोल्लसत्पुष्करम् ॥
अन्तर्बहिश्च तत्सर्वं व्याप्य नारायणः स्थितः
ॐ दैत्यकालाय नमः।
ॐ चन्द्रलेखाविभूषितायै नमः