शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
द्वादशाक्षर युगल मंत्र
क्लीं कृष्णाय राधिकायै श्रेयं नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारयुगल उपासना मंत्र
स्वरूपराधा-कृष्ण युगल
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
क्लीं (काम/कृष्ण बीज) स्वरूप कृष्ण और राधिका को परम कल्याण हेतु मेरा नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
राधा-कृष्ण के प्रेमामृत की अनुभूति, वियोग के दुखों का नाश और परम कल्याण (श्रेय) की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
राधा-कृष्ण के प्रेमामृत की अनुभूति, वियोग के दुखों का नाश और परम कल्याण (श्रेय) की प्राप्ति 24।
जप काल
युगल-ध्यान के समय मानसिक रूप से।
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ॐ कपर्दीशकृपान्वितायै नमः
ॐ गुरुजी को आदेश गुरुजी को प्रणाम, धरती माता धरती पिता, धरती धरे ना धीर बाजे श्रृंगी बाजे तुरतुरी आया गोरखनाथ मीन का पूत मुंज का छड़ा लोहे का कड़ा हमारी पीठ पीछे यती हनुमंत खड़ा, शब्द सांचा पिंड काचा फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं गज लक्ष्म्यै नमः।
ॐ भूधरात्मजाय नमः।
ॐ भारत्यै नमः
ॐ ब्रह्मण्यय नमः