शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ क्षेत्रज्ञाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
क्षेत्र (शरीर/प्रकृति) के पूर्ण ज्ञाता
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शारीरिक रोगों का शमन और आत्म-चेतना
विस्तृत लाभ
शारीरिक रोगों का शमन और आत्म-चेतना 77
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ क्लीं ऐं नमो भगवते रघुनन्दनाय रक्षोघ्न विषधाय मधुरप्रसन्न-वदनाय अमिततेजसे बलाय रामाय विष्णवे नमः क्लीं ऐं ॐ
शरणागतदीनार्तपरित्राणपरायणे। सर्वस्यार्तिहरे देवि नारायणि नमोऽस्तु ते॥ 17
ॐ पूष्णे नमः
स्तुवन्ति ये स्तुतिभिरमीभिरन्वहं त्रयीमयीं त्रिभुवनमातरं रमाम्। गुणाधिका गुरुतरभाग्यभागिनो भवन्ति ते भुवि बुधभाविताशयाः॥
ॐ अष्टमूर्तये नमः।
ॐ नागभूषणाय नमः