शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ मत्ताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपआनंद स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
दैवीय आनंद में निमग्न देव को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
परमानंद की अनुभूति
विस्तृत लाभ
परमानंद की अनुभूति।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ब्राह्म्यै नमः
ॐ जङ्घे पातु धराभारहर्ता योऽसौ नृकेसरी
ॐ कल्याण्यै नमः
मुनीन्द्रवृन्दवन्दिते त्रिलोकशोकहारिणि प्रसन्नवक्त्रपङ्कजे निकुञ्जभूविलासिनि। व्रजेन्द्रभानुनन्दिनि व्रजेन्द्रसूनुसङ्गते कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥ मुनीन्द्र-वन्दिते (ऋषियों द्वारा वंदित)
वद वद वाग्वादिनी स्वाहा। (अथवा ॐ नमो भगवती वद वद वाग्देवी स्वाहा)
ॐ माधवाय नमः