शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
न च प्राणसंज्ञो न वै पंचवायुः... चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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टिप्पणी
शरीर से विरक्ति
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ महाकाल्यै नमः
ॐ संसारभयतः पातु मृत्योर्मृत्युर्-नृकेसरी
ॐ अवलम्बायै नमः
ॐ क्रीं काली
त्वं ब्रह्मा त्वं विष्णुस्त्वं रुद्रस्त्वमिन्द्रस्त्वमग्निस्त्वं वायुस्त्वं सूर्यस्त्वं चन्द्रमास्त्वं ब्रह्मभूर्भुवःस्वरोम् ॥
ॐ श्रीं ह्रीं पातु मे ग्रीवां स्कन्धं मे श्रीं सदाऽवतु। (स्वरूप: श्रीं ह्रीं स्वरूपा | लाभ: गर्दन और कंधों की रक्षा | अर्थ: देवी मेरी ग्रीवा और स्कंध की रक्षा करें) 8