शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
निराकारमोंकारमूलं तुरीयं। गिरा ज्ञान गोतीतमीशं गिरीशम्॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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टिप्पणी
ओंकार शिव - तुरीय अवस्था
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
तेन स तत्क्षणादेव तुष्टा दत्ते महावरम्। येन पश्यति नेत्राभ्यां तत्प्रियं श्यामसुन्दरम्॥
ॐ यमलार्जुनभञ्जनाय नमः
ॐ कपिलायै नमः
ॐ प्रद्युम्नाय नमः
ॐ वीर्यवते नमः
ॐ नमो भगवति सरस्वति परमेश्वरि। वाग्वादिनि मम विद्यां देहि भगवति। भंसवाहिनि हंससमारूढे बुद्धिं देहि देहि। प्रज्ञां देहि देहि विद्यां परमेश्वरि सरस्वति स्वाहा॥