शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ निटिलाक्षाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपशिव-अभिन्न रूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके भाल पर तीसरा नेत्र है (शिव स्वरूप), उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
प्रज्ञा-चक्षु (Third Eye) का जागरण, विवेक और सत्य-निष्ठा में वृद्धि
विस्तृत लाभ
प्रज्ञा-चक्षु (Third Eye) का जागरण, विवेक और सत्य-निष्ठा में वृद्धि।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
महेन्द्रे वै गिरिश्रेष्ठे रामं नित्यम् उपासते। ऋषयो वेदविदुषो गन्धर्वाप्सरसस्तथा॥
ॐ प्रमत्ताय नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये सर्वभूतात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ शुभप्रदायै नमः
ॐ नमो भगवति सरस्वति परमेश्वरि। वाग्वादिनि मम विद्यां देहि भगवति। भंसवाहिनि हंससमारूढे बुद्धिं देहि देहि। प्रज्ञां देहि देहि विद्यां परमेश्वरि सरस्वति स्वाहा॥
ॐ शूलपाणये नमः।