शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ नृसिंहः पातु वायव्यां सौम्यं भूषणविग्रहः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवायव्य व उत्तर दिशा
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
नरसिंह वायव्य कोण से और सौम्य आभूषणों वाले प्रभु उत्तर दिशा से मेरी रक्षा करें। 38।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वायुसारथये नमः
तडित्सुवर्णचम्पकप्रदीप्तगौरविग्रहे मुखप्रभापरास्तकोटिशारदेन्दुमण्डले। विचित्रचित्रसञ्चरच्चकोरशावलोचने कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ कर्पूरमालाभरणायै नमः
कविजिह्वाग्रवासिन्यै स्वाहा मां वारुणेऽवतु। (अर्थ: कवियों की जिह्वा में बसने वाली देवी पश्चिम में रक्षा करें) 8
ॐ अनादिनिधनाय नमः
ॐ स्मरान्तकाय नमः।