शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ परब्रह्मणे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपरब्रह्म स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो स्वयं परम सत्य (परब्रह्म) हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आत्मज्ञान की प्राप्ति और 'अहम् ब्रह्मास्मि' की अनुभूति
विस्तृत लाभ
आत्मज्ञान की प्राप्ति और 'अहम् ब्रह्मास्मि' की अनुभूति।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ नमो भगवते पंचवदनाय दक्षिण मुखे। कराल वदनाय नरसिंहाय सकल भूत प्रेत प्रमथनाय स्वाहा॥
ॐ स्वधायै नमः
ॐ क्लीं कालिकायै नमः
ॐ नमः प्रणवार्थाय प्रणवार्थविधायिने । प्रणवाक्षरबीजाय प्रणवाय नमो नमः ॥
ॐ मायायै नमः
ॐ ब्रह्मणस्पते त्वमस्य यन्ता सूक्तस्य बोधि तनयं च जिन्व । विश्वं तद्भद्रं यदवन्ति देवा बृहद्वदेम विदथे सुवीराः ॥