शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ परात्पराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपपरात्पर ब्रह्म
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो परम से भी परम (सर्वोच्च) हैं, उन भगवान श्रीकृष्ण को नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
परम् सिद्धि और मोक्ष
विस्तृत लाभ
परम् सिद्धि और मोक्ष
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
सर्वं जगदिदं त्वत्तो जायते ॥ सर्वं जगदिदं त्वत्तस्तिष्ठति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि लयमेष्यति ॥ सर्वं जगदिदं त्वयि प्रत्येति ॥ त्वं भूमिरापोऽनलोऽनिलो नभः ॥ त्वं चत्वारि वाक्पदानि ॥
ॐ यज्विने नमः
ॐ कलावत्यै नमः
करचरणकृतं वाक् कायजं कर्मजं वा श्रवणनयनजं वा मानसंवापराधं। विहितं विहितं वा सर्व मेतत् क्षमस्व जय जय करुणाब्धे श्री महादेव शम्भो॥
ॐ कुलजायै नमः
ॐ भक्तार्तिभञ्जनाय नमः