शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ पुण्यश्लोकाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपपुण्य-कीर्ति
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके श्लोक (कीर्ति) परम पुण्यदायी हैं, उन्हें नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अपयश नाश हेतु
विस्तृत लाभ
अपयश नाश हेतु
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
जयत्यतिबलो रामो लक्ष्मणश्च महाबलः। राजा जयति सुग्रीवो राघवेणाभिपालितः॥ दासोऽहं कोसलेन्द्रस्य रामस्याक्लिष्टकर्मणः। हनुमान् शत्रुसैन्यानां निहन्ता मारुतात्मजः॥
ॐ दुर्गमज्ञानसंस्थानायै नमः
ॐ पुष्ट्यै नमः
ॐ पवित्राय नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये हिरण्यगर्भः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ विश्वामित्रायै नमः