माँ काली मंत्र
ॐ राजराजेश्वरीपुत्राय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
माता राजराजेश्वरी (त्रिपुरसुंदरी) के पुत्र को नमन।
इस मंत्र से क्या होगा?
श्रीविद्या और शाक्त-साधना में निर्विघ्न प्रगति
विस्तृत लाभ
श्रीविद्या और शाक्त-साधना में निर्विघ्न प्रगति।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वागधिष्ठातृदेव्यै सर्वाङ्गं मे सदाऽवतु। (स्वरूप: वागधिष्ठात्री | लाभ: संपूर्ण शरीर की आध्यात्मिक और भौतिक रक्षा | अर्थ: वाक् की अधिष्ठात्री देवी मेरे संपूर्ण अंगों की रक्षा करें) 8
ॐ चन्द्रसहोदर्यै नमः
ॐ ह्रीं बटुकाय मम नज़र दोष निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये दशावतारात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
देवि प्रसीद परिपालय नोऽरिभीतेर्नित्यं यथासुरवधादधुनैव सद्यः। पापानि सर्वजगतां प्रशमं नयाशु उत्पातपाकजनितांश्च महोपसर्गान्॥ 18
पाशाङ्कुश स्वदन्त आम्र फलवान् आखुवाहनः । विघ्नान् निहन्तु रक्तवर्णो विनायकः ॥