शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ रसज्ञाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपरस-ज्ञाता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो समस्त आध्यात्मिक रसों (शृंगार, वीर, वात्सल्य आदि) के ज्ञाता हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन में रस, आनंद और कलात्मकता की वृद्धि
02
नीरसता (उदासी) का पूर्ण नाश
विस्तृत लाभ
जीवन में रस, आनंद और कलात्मकता की वृद्धि; नीरसता (उदासी) का पूर्ण नाश।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
आस्तेऽद्यापि महेन्द्राद्रौ न्यस्तदण्डः प्रशान्तधीः। उपगीयमानचरितः सिद्धगन्धर्वचारणैः॥
ॐ हुं ह्रां रां ज्वाल कराल्यै क्रोधश्च काल भैरवाय नमः।
ॐ सुमनोहराय नमः
ॐ कुमारीपूजकालयायै नमः
ॐ विश्वेशाय नमः
तडित्सुवर्णचम्पकप्रदीप्तगौरविग्रहे मुखप्रभापरास्तकोटिशारदेन्दुमण्डले। विचित्रचित्रसञ्चरच्चकोरशावलोचने कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥