ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

विरूपाक्ष रुद्र मंत्र

ॐ रुद्राय रोगनाशाय आगच्छ च राम् ॐ नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारतांत्रिक रोग निवारण मंत्र
स्वरूपविरूपाक्ष रुद्र (अद्भुत नेत्रों वाले)
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

रोगों का नाश करने वाले रुद्र को नमस्कार है, हे विरूपाक्ष! आप पधारें और रोग हरें।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

समस्त जटिल और असाध्य रोगों का नाश

विस्तृत लाभ

समस्त जटिल और असाध्य रोगों का नाश 25।

जप काल

बीमारी की अवस्था में जल को अभिमंत्रित कर पीने के लिए।

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ॐ कल्याणप्रकृतये नमः

देवीं सरस्वतीं सरस्वतीं देवीं देवीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजेभिस्सरस्वतीं देवीं देवीं सरस्वतीं वाजेभिः॥ सरस्वतीं वाजेभिर्वाजेभिस्सरस्वतीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजिनीवतीं वाजिनीवतीं वाजेभिस्सरस्वतीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजिनीवतीं॥ वाजेभिर्वाजिनीवतीं वाजिनीवतीं वाजेभिर्वाजेभिर्वाजिनीवतीं। वाजिनीवतीति वाजिनी-वती॥

ॐ श्रीहरिप्रियायै नमः

ॐ वकाररूपाय नमः

ॐ कलावत्यै नमः

ॐ नमस्ते गणपतये ॥ त्वमेव प्रत्यक्षं तत्त्वमसि ॥ त्वमेव केवलं कर्ताऽसि ॥ त्वमेव केवलं धर्ताऽसि ॥ त्वमेव केवलं हर्ताऽसि ॥ त्वमेव सर्वं खल्विदं ब्रह्मासि ॥ त्वं साक्षादात्माऽसि नित्यम् ॥