शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ सर्वतीर्थमयाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपतीर्थमय
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनमें संसार के सभी पवित्र तीर्थ एक साथ निवास करते हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
तीर्थ फल
विस्तृत लाभ
तीर्थ फल
जप काल
स्नान के समय
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
इतीदमद्भुतस्तवं निशम्य भानुनन्दिनी करोतु सन्ततं जनं कृपाकटाक्षभाजनम्। भवेत्तदैव सञ्चितत्रिरूपकर्मनाशनं लभेत्तदा व्रजेन्द्रसूनुमण्डलप्रवेशनम्॥
ॐ श्रीं गं सौम्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा ॥
ॐ पुण्यचारित्रकीर्तनाय नमः
ॐ दक्षाध्वरहराय नमः
क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा
ॐ नरसिंहाय विद्महे वज्रनखाय धीमहि तन्नो नरसिंहः प्रचोदयात्।