शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ सर्वतीर्थात्मकाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपसर्व-तीर्थ-स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो स्वयं समस्त तीर्थों के स्वरूप हैं, उन्हें नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
घर बैठे तीर्थ-फल प्राप्ति
विस्तृत लाभ
घर बैठे तीर्थ-फल प्राप्ति
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वरारोहायै नमः
ॐ वागधिष्ठातृदेव्यै सर्वाङ्गं मे सदाऽवतु। (स्वरूप: वागधिष्ठात्री | लाभ: संपूर्ण शरीर की आध्यात्मिक और भौतिक रक्षा | अर्थ: वाक् की अधिष्ठात्री देवी मेरे संपूर्ण अंगों की रक्षा करें) 8
ॐ त्रिसंध्यायै नमः
ॐ नारसिंहाय नमः
ॐ महापुरुषाय नमः
ॐ नमो भगवते पंचवदनाय पश्चिम मुखे। गरुडाय सकल विष हरणाय स्वाहा॥