शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ सर्ववेदादये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपवेद उद्गम
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो समस्त वेदों के आदि स्रोत और ज्ञाता हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शास्त्र ज्ञान
विस्तृत लाभ
शास्त्र ज्ञान
जप काल
स्वाध्याय पूर्व
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्वदेवेषाय नमः।
ॐ यशस्कर्यै नमः
अङ्गं हरेः पुलकभूषणमाश्रयन्ती भृङ्गाङ्गनेव मुकुलाभरणं तमालम्। अङ्गीकृताखिलविभूतिरपाङ्गलीला माङ्गल्यदास्तु मम मङ्गलदेवतायाः॥
ॐ कमलासनसंस्तुताय नमः
दुर्गेष्वटव्याजिमुखादिषु प्रभुः पायान्नृसिंहोऽसुरयूथपारिः। विमुञ्चतो यस्य महाट्टहासं दिशो विनेदुर्न्यपतंश्च गर्भाः॥
सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो धनधान्यसुतान्वितः। मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः॥ 17