शुक्रवार का मंत्र
सीता राम हनुमंत राम सीता हनुमंत (Sita Rama Hanumantha Rama Sita Hanumantha)
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र से क्या होगा?
इन मंत्रों के जाप से क्रमशः मानसिक शांति (सोमवार), संकटों से रक्षा (मंगलवार), ज्ञान (बुधवार), गुरु-कृपा (गुरुवार), भौतिक सुख (शुक्रवार), शनि पीड़ा निवारण (शनिवार) और आरोग्य व तेज (रविवार) की प्राप्ति होती है
विस्तृत लाभ
इन मंत्रों के जाप से क्रमशः मानसिक शांति (सोमवार), संकटों से रक्षा (मंगलवार), ज्ञान (बुधवार), गुरु-कृपा (गुरुवार), भौतिक सुख (शुक्रवार), शनि पीड़ा निवारण (शनिवार) और आरोग्य व तेज (रविवार) की प्राप्ति होती है 9।
जप काल
संबंधित वार (दिन) के प्रातःकाल, स्नानादि के पश्चात्।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अश्वपूर्वां रथमध्यां हस्तिनादप्रबोधिनीम्। श्रियं देवीमुपह्वये श्रीर्मा देवीर्जुषताम्॥
ॐ नमो भगवति सरस्वति परमेश्वरि। वाग्वादिनि मम विद्यां देहि भगवति। भंसवाहिनि हंससमारूढे बुद्धिं देहि देहि। प्रज्ञां देहि देहि विद्यां परमेश्वरि सरस्वति स्वाहा॥
नमः शम्भवाय च मयोभवाय च नमः शङ्कराय च मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च।
अवतु माम् ॥ अवतु वक्तारम् ॥ अवतु श्रोतारम् ॥ अवतु दातारम् ॥ अवतु धातारम् ॥ अवानूचानमव शिष्यम् ॥ अव पश्चात्तात् ॥ अव पुरस्तात् ॥ अवोत्तरात्तात् ॥ अव दक्षिणात्तात् ॥ अव चोर्ध्वात्तात् ॥ अवाधरात्तात् ॥ सर्वतो मां पाहि पाहि समन्तात् ॥
ॐ कृपालवे नमः
ॐ काञ्चनाभायै नमः