शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ शङ्खोपमषड्गल्सुप्रभाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपषडानन
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
शंख के समान छः सुन्दर कंठों वाले देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मधुर वाणी और गायन कला (विशुद्धि चक्र) की सिद्धि
विस्तृत लाभ
मधुर वाणी और गायन कला (विशुद्धि चक्र) की सिद्धि।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं जय लक्ष्मी प्रियाय नित्य प्रमुदित चेतसे लक्ष्मी स्रितार्थ देहाय श्रीं ह्रीं नमः
ॐ तुलस्यै विद्महे विष्णुप्रियायै धीमहि तन्नो वृन्दा प्रचोदयात्।
उरुदघ्ने नाभिदघ्ने हृद्दघ्ने कण्ठदघ्नके। राधाकुण्डजले स्थिता यः पठेत्साधकः शतम्॥
ॐ करञ्जारण्यवासिन्यै नमः
भद्रकाल्यै नमो नित्यं सरस्वत्यै नमो नमः। वेदवेदाङ्गवेदान्तविद्यास्थानेभ्य एव च॥
ॐ गजवक्त्राय हुं