शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ काली मंत्र
ॐ त्रिभङ्गिललिताकृतये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपत्रिभंगी ललित
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
त्रिभंगी (तीन जगह से मुड़ी हुई) सुन्दर आकृति वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कला और सौन्दर्य हेतु
विस्तृत लाभ
कला और सौन्दर्य हेतु
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ पद्मगन्धिन्यै नमः
ॐ श्रियै नमः
ॐ शरपञ्जरभेदकाय नमः
ॐ क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय पराय परमपुरुषाय परमात्मने परकर्म-मन्त्र-यन्त्र-तन्त्र-औषधास्त्र-शस्त्राणि संहर संहर मृत्योर्मोचय मोचय...
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये साक्षान्मृत्युः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं वाग्देव्यै सरस्वत्यै नमः