माँ काली मंत्र
ॐ त्रिलोचनाय नमः।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
इस मंत्र का अर्थ
शिव के समान तीन आँखों वाले देव को नमन।
इस मंत्र से क्या होगा?
सर्व-भय नाश व मोक्ष
विस्तृत लाभ
सर्व-भय नाश व मोक्ष
जप काल
बिल्व पत्र या पुष्प अर्पण
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं पातु मे ग्रीवां स्कन्धं मे श्रीं सदाऽवतु। (स्वरूप: श्रीं ह्रीं स्वरूपा | लाभ: गर्दन और कंधों की रक्षा | अर्थ: देवी मेरी ग्रीवा और स्कंध की रक्षा करें) 8
वीणां कल्पलतां अरिं च वरदं दक्षे विदत्ते करैः वामे तामरसं च रत्नकलशं सन्मञ्जरीं चाभयम् । शुण्डादण्ड लसन्मृगेन्द्रवदनः शङ्खेन्दुगौरः शुभो दीव्यद्रत्ननिभांशुकः गणपतिः पायादपायात्स नः ॥
ॐ मितभाषिणे नमः
ॐ ह्रां ह्रीं ॐ नमो भगवते महा-वीर-वीराय सर्वदुःख निवारणाय ग्रहमण्डल सर्वभूतमण्डल सर्व-पिशाच-मण्डलोच्चाटन भूत-ज्वर एकाहिक-ज्वर द्वयाहिक-ज्वर त्र्याहिक-ज्वर चातुर्थिक-ज्वर संताप-ज्वर विषम-ज्वर ताप-ज्वर माहेश्वर-वैष्णव-ज्वरान् छिन्दि-छिन्दि यक्ष ब्रह्मराक्षस भूत-प्रेत-पिशाचान् उच्चाटय-उच्चाटय स्वाहा।
ॐ वज्रनखाय वज्रिणे नमः
ॐ दुर्गम्यायै नमः